Anshu Gupta

abhivyakti....dil se!

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anshugupta


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‘मोल’

Posted On: 4 Feb, 2014  
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टूटे पत्ते………(पीड़ा वसंत की)

Posted On: 4 Feb, 2014  
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कुछ ऐसी अपनी दीवाली…………………….

Posted On: 2 Nov, 2013  
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‘मिसरे’…ज़माने की बदली बयार के…………!!!

Posted On: 11 Oct, 2013  
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‘बहू’ और ‘तवा……

Posted On: 7 Oct, 2013  
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आवाहन देवी का करिए………..(स्वागत गीत)

Posted On: 4 Oct, 2013  
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“नव परिवर्तनों के दौर में हिन्दी ब्लॉगिंग”-contest

Posted On: 22 Sep, 2013  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

आदरणीया अंशु गुप्ता जी, निःसंदेह आपके आलेख उच्च कोटि के थे इसीलिए आपका चयन संभावित विजेताओं की सूची में शॉर्टलिस्ट किया गया था। मंच ने आपको भेजे गए मेल में यह स्पष्ट उल्लेखित किया था कि हमें प्रतियोगिता की औपचारिकताओं को पूर्ण करने के लिए कुछ आवश्यक जानकारी चाहिए ताकि हम अंतिम परिणाम घोषित कर सकें। यानि आपका नाम संभावित विजेताओं में था न कि अंतिम तौर पर विजयी प्रतिभागियों में। आपका प्रयास काबिले तारीफ था तथा संपादक मंडल ने आपकी रचनाओं को गुणवत्तापूर्ण रचनाओं की श्रेणी में अनुशंसित किया था। मंच पर अपनी उपस्थिति बनाए रखें तथा अपने उत्कृष्ट लेखन शैली से हिंदी ब्लॉग जगत को समृद्ध करती रहें। धन्यवाद जागरण जंक्शन परिवार

के द्वारा: जागरण Contest जागरण Contest

आवाहन देवी का करिए अरे नवरात्र आये है…….. दिलो में साधना भरिये अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘शैल पुत्री’ को जो बेटी हैं ,हिमालय की ह्रदय से यद् सब करिए अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘ब्रह्म्चारिन’ को जो ब्रह्मा की स्वरूपा है पवन आत्मा करिए अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘चन्द्र घंटा’ को जटा में जिसकी चंदा है चरणों में नमन करिए अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘कुष्मांडा’ को उदर में जिनके दुनिया है ह्रदय में भावना भरिये अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘स्कंदमाता’ को जो कार्तिकेय की जननी है नमन हर श्वाश पर करिए अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘कात्यायनी’ को जिनका तेज उज्जल है उजाला ज्योति का करिए अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘कालरात्रि’ को जो दुष्टो की संहारक है उन्ही के चरणों में गिरिये अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘महागौरी’ को जो शिव की आदि शक्ति है छवि शुभ नैनो में भरिये अरे नवरात्र आये है………………. बुलाओ ‘सिद्ध दात्री’ को जो करज सिद्ध करती हैं पूरी हर कामना करिए अरे नवरात्र आये है………………. सुन्दर ,हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ ! कभी इधर भी पधारें .

के द्वारा: Madan Mohan saxena Madan Mohan saxena

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

के द्वारा: anshugupta anshugupta

के द्वारा: anshugupta anshugupta

के द्वारा: anshugupta anshugupta

कुँए का मेढ़क बना देश का इलेक्ट्रॉनिक मीडिया देश के महाभ्रष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (महाभ्रष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इसलिए क्यों की उसका उल्लेख मैं अपने पूर्व के ब्लॉग में विस्तारपूर्वक कर चूका हूँ अत: मेरे पूर्व के ब्लॉग का अध्यन जागरणजंक्शन.कॉम पर करे ) के उन न्यूज़ चैनलों को अपने गिरेबान में झाँक कर देखना चाहिए जो न्यूज़ चैनल के नाम के आगे ”इंडिया” या देश का नॉ.१ इत्यादि शब्दों का प्रयोग करते है. क्यों की इन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कुँए के मेढकों का न्यूज़ चैनलों का राडार या तो एन.सी.आर. या फिर बीमारू राज्य तक सीमित रहता है. कुए के मेढ़क बने इन न्यूज़ चेंनलो को दिल्ली का “दामिनी” केस तो दिख जाता है लेकिन जब नागालैंड में कोई लड़की दिल्ली के “दामनी” जैसी शिकार बनती है तो वह घटना इन न्यूज़ चैनलों को तो दूर, इनके आकाओं को भी नहीं मालूम पड़ पाती. आई.ए.एस. दुर्गा नागपाल की के निलंबन की खबर इनके राडार पड़ इसलिए चढ़ जाती हैं क्यों की वो घटना नोएडा में घटित हो रही है जबकि दुर्गा जैसी किसी महिला अफसर के साथ यदि मणिपुर में नाइंसाफी होती है तो वह बात इनको दूर-दूर तक मालूम नहीं पड़ पाती है कारण साफ़ है की खुद को देश का चैनल बताने वाले इन कुँए का मेढ़क इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कोई संबाददाता आज देश उत्तर पूर्व इलाकों में तैनात नहीं है. देश का इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जिस तरह से न्यूज़ की रिपोर्टिंग करता है उससे तो मालूम पड़ता है की देश के उत्तर पूर्व राज्यों में कोई घटना ही नहीं होती है. बड़े शर्म की बात है की जब देश के सिक्किम राज्य में कुछ बर्ष पहले भूकंप आया था तो देश का न्यूज़ चैनल बताने वाले इन कुँए का मेढ़क न्यूज़ चैनलों के संबाददाताओं को सिक्किम पहुचने में २ दिन लग गए. यहाँ तक की गुवहाटी में जब कुछ बर्ष पहले एक लड़की से सरेआम घटना हुई थी तो इन कुँए के मेढक न्यूज़ चैनलों को उस घटना की वाइट के लिए एक लोकल न्यूज़ चैनल के ऊपर निर्भर रहना पड़ा था. इन न्यूज़ चैनलों की दिन भर की ख़बरों में ना तो देश दक्षिण राज्य केरल, तमिलनाडु, लक्ष्यद्वीप और अंडमान की ख़बरें होती है और ना ही उत्तर पूर्व के राज्यों की. हाँ अगर एन.सी.आर. या बीमारू राज्यों में कोई घटना घटित हो जाती है तो इनका न्यूज़ राडार अवश्य घूमता है. जब देश के उत्तर पूर्व या दक्षिण राज्यों के लोग इनके न्यूज़ चैनलों को देखते होंगे तो इन न्यूज़ चैनलों के द्वारा देश या इंडिया नाम के इस्तेमाल किये जा रहे शब्द पर जरुर दुःख प्रकट करते होंगे. क्यों की देश में कुँए का मेढ़क बने इन न्यूज़ चैनलों को हमारे देश की भौगोलिक सीमायें ही ज्ञात नहीं है तो फिर ये न्यूज़ चैनल क्यों देश या इंडिया जैसे शब्दों का प्रयोग करते है आखिर क्यों नहीं खुद को कुँए का मेढक न्यूज़ चैनल घोषित कर लेते जब ये आलसी बन कर देश बिभिन्न भागों में घटित हो रही घटनाओं को दिखने की जहमत नहीं उठाना चाहते है. धन्यवाद. राहुल वैश्य ( रैंक अवार्ड विजेता), एम. ए. जनसंचार एवम भारतीय सिविल सेवा के लिए प्रयासरत फेसबुक पर मुझे शामिल करे- vaishr_rahul@yahoo.कॉम और Rahul Vaish Moradabad

के द्वारा: Rahul Vaish Rahul Vaish

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा: Malik Parveen Malik Parveen

आपका इशारा पुरुषो के कैद में रह रहे महिलाओं से है / लेकिन जो पुरुष महिलाओं को परिवार के कैद में रखता है वह उनके आर्थिक, सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेवारी भी अपनी जान देकर उठाता है / जब महिलाये अपनी पंख फैलाकर उड़ने को ही स्वतंत्रता मानती है तो उन्हें पुरुष, प्रशासन, समाज, परिवार से मदद की आशा नहीं रखनी चाहिए / उन्हें अपनी सुरक्षा की जिम्मेवारी खुद उठानी पड़ेगी / भगवान ने ही जिसे पुरुषो से अलग बनाया ताकि वह समाज में उच्च स्थान प्राप्त करे वह आज पश्चिमी संस्कृति के बहकावे में आकर अपना कद छोटा कर के पुरुषो की बराबरी करना चाहती है / याद रखिये पुरे ब्रह्माण्ड में कोई भी पूरी तरह से स्वतंत्र नहीं है यहाँ तक की सूरज भी अपनी एक निश्चित धुरी पर ही घूमता है / जिस दिन वह अपनी धुरी से स्वतंत्र होना चाहेगा पूरा सौर मंडल ध्वस्त हो जायेगा / महिलाये तभी तक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन यापन कर सकती है जब तक वह बचपन में मां-पिता, जवानी में भाई, विवाह होने पर पति और बुडापा में पुत्र के संरक्षण में रहे / नहीं तो पश्चिमी सभ्यता का नक़ल करने पर वह सिर्फ भोग की वास्तु बनकर रह जाएगी /

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